Thursday, November 27, 2014

महात्मा जोतीराव फुले स्मृति दिन के उपलक्ष्य में उनकी स्मृति तथा विचारोंको फुलेवाद को विनम्र अभिवादन !


 
॥ ख्रिस्त,  महमद, मांग,  ब्राह्मणाशी,  धरावे पोटाशी बंधुपरी ॥
- महात्मा जोतीराव फुले
 
एकात्म राष्ट्रवाद हाच फुलेवाद...
- लोकबंधु महादेवजी जानकर
( राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय समाज पक्ष )
 
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आधुनिक सामाजिक भारत के प्रणेता
महात्मा जोतीराव फुले
 
भारत मे अनेक साधू , संत,  ऋषि,  मुनि हुए,
ईश्वर अवतारित हुए, ऐसा कहा जाता है...
 
लेकिन अर्वाचीन भारत मे
आम भारतीय जनता के जीवन को
सही मायने मे आकार तथा आधार
जिनके कार्य-कर्तुत्व से मिला
उस महामानव का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
आम हिन्दू समाजके लिए
ज्ञान का दरवाजा खुले करनेवाले
महा-ज्ञानदेव का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
शुद्र मानकर (ब्राह्मणी सहित )
जिन्हें ज्ञानसे वंचित रखा गया
उन 50% महिलाओंके लिए
ज्ञान का दरवाजा
भारतमे सबसे पहिले खोलनेवाले
महापुरुष का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
ब्रिटिश राजपुत्र ड्यूक ऑफ़ कॅनोट को
पुनाके ( 2 मार्च 1888 ) प्रतिष्टित लोगोंसे भरी सभा में
Salvation of India lies...
Only in Education, Education and Education...
ऐसा कहनेका धैर्य रखनेवाले
महान धैर्यधर का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
भारत की पहिली लेबर मूवमेंट चलानेवाले
भारतके प्रथम लेबर लिडर नारायण मेघाजी लोखंडे के
महागुरु का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
जिनके विचारोंके मार्गपर चलकर
‘राजर्षि’ के सन्मान तक पहुचे
उस छत्रपती शाहू महाराजाके
मार्गदर्शक का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
" जी हाँ,  मै महात्मा जोतीराव फुले का अनुयायी हूँ.
इस देश का, इस देश की जनता का हित 
तथा उज्वल भविष्य
केवल फुले विचारो में
फुलेवाद में है "
ऐसे बड़े आत्मविश्वास से कहनेवाले
बाबासाहेब डॉ. भिमराव आंबेडकरजी के
महागुरु का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
प्राचीन, मध्य युगीन, अर्वाचीन
तथा आधुनिक भारत के इतिहासमें
"आधुनिक सामाजिक भारत के प्रणेता"
"Father of Modern Social India"
इस नाम से भारत के ही नहीं
बल्कि दुनिया के इतिहास में लिखना पड़ेगा,
उस महान युगपुरुष का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
पुरान मतवाद और नव मतवाद तथा
उसके सुवर्ण मध्यको पकड़ने वाले
मध्यममार्गी मतवाद को लेकर
हिन्दू, मुस्लिम, पारसीओं मे संघर्ष छिड़ा था,
तब सत्य क्या है,  असत्य क्या है
इसका शोध करने वाले
सत्य शोधक समाज की स्थापना करनेवाले
महानुभाव का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
अलग जाती, संप्रदाय, भाषा तथा धर्मावलाम्बिओंको
आदि - अंती और मध्यमी
कल्याणकारी
सार्वजनिक सत्यधर्म देनेवाले
धर्मात्मा का नाम है,  महात्मा जोतीराव फुले.
 
- एस. एल. अक्कीसागर
 
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28 नवंबर 2014
महात्मा जोतीराव फुले स्मृति दिन के उपलक्ष्य में
उनकी स्मृति तथा विचारोंको
फुलेवाद को
विनम्र अभिवादन !
 
 देश के कोने - कोने में
फुलेवाद का नारा
यह रा.स.प का वादा...
- लोकबंधु महादेवजी जानकर
  ( राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय समाज पक्ष )
 
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{ 1888 - मुंबईतील कोळीवाडा येथील जनतेने जोतीराव फुले यांचा सत्कार करून त्यांना 'महात्मा' ही पदवी प्रदान करण्यात आली. }

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