Wednesday, January 29, 2014

नंदगड - बेलगाम मे राष्ट्रीय समाज पक्ष द्वारा संगोळी रायन्ना राज्याभिषेक संपन्न !

क्रांतीवीर संगोळी रायन्ना इस देशका राष्ट्रीय महानायक तथा महान राष्ट्रवीर - महादेव जानकर
क्रांतीवीर संगोळी रायन्ना राष्ट्रीय विरासत - डॉ विकास महात्मे
नंदगड, जि. बेलगाम (दि. 26/01/2014) : स्वातंत्र्यवीर तथा राष्ट्रवीर संगोळी रायन्ना राज्याभिषेक का 6 वा वार्षिकोत्सव नंदगड, ता. खानापुर, जि. बेलगाम (कर्नाटक) में राष्ट्रीय समाज पक्ष की ओर से मनाया गया। बडे सवेरे मान. महादेव जानकर जी राष्ट्रीय अध्यक्ष - राष्ट्रीय समाज पक्ष के करकमलों से तथा पुजारी शंकरराव चव्हाण और सौ. वत्सलाताई चव्हाण की सहायता से संगोळी रायन्ना का राज्याभिषेक महापूजा की गयी। राष्ट्रीय समाज पक्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष मान. महादेव जानकर, मान. पद्मश्री नेत्रविशारद डॉ विकास महात्मे, मान. आनंद अप्पुगोल – निर्माता क्रांतीवीर संगोळी रायन्ना के द्वारा ध्वजावंदना सलामी तथा राष्ट्रगान के बाद नंदगड चौक में स्थित संगोळी रायन्ना प्रतिमा को पुष्पमाला का अर्पण किया गया। संगोळी रायन्ना समाधी समिति नंदगड के अध्यक्ष मान. शंकर सोनोली ने रायन्ना भक्तोंका स्वागत किया। बादमे संगोळी रायन्ना की समाधिस्थल पर जाहिर सभा का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय समाज पक्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष मान. महादेव जानकर प्रमुख अतिथि तथा प्रमुख मार्गदर्शक के रुप में उपस्थित थे । पद्मश्री डॉ विकास महात्मे, राष्ट्रीय समाज पक्ष के मुख्य राष्ट्रीय महासचिव मान. ए सुदर्शन, कर्नाटक आरएसपी अध्यक्ष श्री गणेशराम देवासी, आरएसपी युथ फ्रन्ट के प्रमुख मान. एस मोहनकुमार, आरएसपी बेलगाम जिल्हा अध्यक्ष हनुमंतप्पा पुजेर, महाराष्ट्र आरएसपी के उपाध्यक्ष श्री गोविंदराम शुरनर, पश्चिम महाराष्ट्र आरएसपी महिला फ्रंट की अध्यक्षा सौ. कामिनीताई पाटील, आरबीआय ओबीसी के अध्यक्ष एस अक्कीसागर, अशोक ढोणे – रा.स.प कर्नाटक राज्य संपर्क प्रमुख, श्री बसवराज बिज्जुर – बेलगाम, श्री मोहसिन रेझा बैलहोंगल, श्री मोरेश्वर झिले नागपुर, पत्रकार सुरेश दलाल – बेलगाम, पत्रकार श्री सिद्दू देवगल बागलकोट, बागलकोटके युवा नेता श्री वीरन्ना हलेगौडर, कु. अलोकिता पाटील, कु. भाग्यश्री पाटील, श्री. निखिल ढवळे, श्री जानकरपाटील – सोलापुर, मल्लू हुनगुंदी – जिल्हा अध्यक्ष आरएसपी बागलकोट, जि. प. / ता. प. सदस्य, तथा बहोत सारे गणमान्य स्थानिक लोग उपस्थित थे।

उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कराते हुये मा. महादेव जानकरजी ने कहा, देश स्वतंत्र होकर ६६ साल बित गये संगोळी रायन्ना को ओर रानी चन्नाम्मा को उचित मान - सन्मान अबतक नही दिया गयामै जब २००७ में पहली बार यहाँ आया था तब संगोळी रायन्ना का ये समाधी स्थल बिखरा हुवा पाया था तब मैने संगोळी रायन्ना के मान – सन्मान की लढाई लड़नेका फैसला किया महात्मा गांधी को दिया जानेवाला मान - सन्मान संगोळी रायन्ना को नहीं मिल रहा है। कॉंग्रेस के बदौलत गांधी को मान-सन्मान मिला इस बात को समझकर मैंने अपना दल – अपना पक्ष बनाया। २००८ में मैने नंदगड में राष्ट्रीय समाज पक्ष के तत्वाधानमे संगोळी रायन्ना का पहेला राज्याभिषेक कार्यक्रम किया महाराष्ट्र विधानसभामे मेरी पार्टीका पहेला एम.एल.ए. चुनके गया संगोळी रायन्ना के आशिर्वाद से ये हुवा ऐसा मेरा मानना है आनेवाली लोकसभा मैंने माढा क्षेत्रसे लढने का फैसला किया हैअगली बार मै नंदगड मे एमपी बनकर ही आऊंगा. संगोळी रायन्ना इस देशका राष्ट्रीय महानायक तथा महान राष्ट्रवीर है संगोळ्ळी गांव के रायन्ना को राष्ट्रवीर बनाने के लिये मेरी पार्टी कम करेगी आप सब वोट का महत्व समझे और साथ दे, तो इस देशकी सत्ता हम अपनी हाथ में ले सकते है विशेष अतिथी डॉ विकास महात्मे जी ने कहा, संगोळी रायन्ना राष्ट्रीय विरासत है, संगोळी रायन्ना समाधी स्थल नंद्गड को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाना चाहिये. राष्ट्रीय समाज पक्ष की ओरसे मान. महादेव जानकर जी के नेतृत्व मे ६ सालसे चले रायन्ना राज्याभिषेक आंदोलन के परिणामवश सरकार को झुकना पड़ा तथा और करोड़ों रुपयोंकी राशी देते हुये संगोळी रायन्ना समाधी स्थल नंदगड का विकास कार्य हाथ में लेना पड़ा सभाको उपस्थित लोगोंका स्वागत एस मोहनकुमार ने तथा सभाका सूत्रसंचालन ए सुदर्शन ने किया कर्नाटक - राष्ट्रीय समाज पक्ष के बेलगाम जिल्हा अध्यक्ष हनुमंतप्पा पुजेर द्वारा उपस्थितोंका हार्दिक आभार व्यक्त किया गया.

राष्ट्रवीर संगोल्ली रायन्ना और राष्ट्रीय समाज पक्ष
आज से 183 साल पहले 26 जनवरी 1831 के दिन ब्रिटिश साम्राज्यवादियों  द्वारा महाराणी चेन्नमा के कित्तुर राज को खालसा कर के कैद करने का मूंहतोड जवाब देने वाले संगोळी गांव के शूरवीर सेनानी रायन्ना को विद्रोही करार देकर नंदगढ में एक वृक्ष पर लटका कर फांसी दी गयी थी झांशी की महाराणी लक्ष्मीबाई ( 1857) के पहले  कित्तूर की महाराणी चन्नाम्मा ने (1824) में अन्ग्रेजोके खिलाफ आझादी की लढाई लढी थी 15 अगस्त, 1798 में जन्मे संगोळी गाव के रायन्ना अंग्रेजो के शासन के प्रति तीव्र घृणा करते थे शूरवीर सेनानी रायन्ना ने महाराणी चन्नाम्मा का साथ दिया महाराणी चेन्नमा, रायन्ना को अपना पुत्र मानती थी अपने राज्य - राष्ट्र आझादी के लिये संगोल्ली रायान्ना ने अपने चुनिंदे साथियों के साथ अन्ग्रेजोके खिलाफ संघर्ष चलाया इन चुनंदे साथीओ मे मुस्लिम, जैन, मराठा, बेडर, लिंगायत, सुनार, जंगम आदि अलग - अलग जाती और धर्म के लोग थे रायन्ना का जन्म एक मेहेनतकश धनगर / कुरबर (गडरिया - मेषपाल) परिवार में हुआ था अंग्रेज शासन के खिलाफ संघर्ष का ब्युगल बजने वाले रायन्ना अपने समय के माने हुए योद्धा थे छत्रपती शिवाजी और महाराजा यशवंतराव होळकर के बाद रायन्ना को छापामार लढाई में कारगर माना जाता है लंबे अरसे की लुकाछिप्पी के बाद वे अंग्रेज सेना द्वारा पकडे गये जनसामान्य आक्रोश से भर उठा मगर साम्राज्यवादी शासकने उनको विद्रोही ठहरा कर दि. 26 जनवरी 1831के रोज फांसी दे दी संगोल्ली रायन्ना का जन्मदिन 15 अगस्त भारत के लिए स्वातंत्र्यदिन तथा संगोल्ली रायन्ना का स्मृतिदिन प्रजासत्ताकदिन साबित हुवा, इसे विलक्षण योगायोग हि कह सकते है रायन्ना के साथी बाळा नायक, बसलिंगाप्पा करबसप्पा, भिमा जिद्दीमनी, केंचप्पा आप्पोजी नायक, बापु भंडारी इनको भी फांसी दी गयी थी संगोळी रायन्ना के सच्चे वारिसदार मान. महादेव जानकर ने अपने निजी जीवन को समाज के लिए समर्पित करके राष्ट्रीय समाज पक्ष की स्थापना की राष्ट्रीय समाजके बहुमूल्य मत को राष्ट्रीय समाज पक्ष का आधार बनाने के लिये वे महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, प. बंगाल, तमिलनाडु, झारखंड, बिहार, छत्तीसगड, असम, गुजरात, गोवा और राजस्थान जैसे राज्यों की समदु:खी जाति / धर्मीयों से बना राष्ट्रीय समाज को जोडने का कार्य उन्होने शुरु किया राष्ट्रीय शहीद संगोळी रायन्ना का इतिहास ढुंढ कर सन 2008 के दिसंबर में राष्ट्रीय तथा सामाजिक ऋण अदायगी के रूप में राष्ट्रीय समाज पक्ष के तत्वावधान में राष्ट्रीय समाज प्रतिनीधियों द्वारा उनका राज्याभिषेक का कार्यक्रम प्रप्रथम आयोजन किया गया उस साल महात्मा बसवेश्वर कि पुण्यभुमी कुडलसंगम से राष्ट्रीय समाज पक्ष द्वारा समाज संगम राजयात्रा का आयोजन किया गया था। महाराष्ट्र और कर्नाटक में बहने वाली नदियों से कुंभ मे पानी लेकर लोग आये और उस पानी के द्वारा संगोळी रायन्ना का पहेला राज्याभिषेक नंदगड में किया गया था तबसे नंदगड मे 26 जनवरी के दिन संगोळी रायन्नाका राज्याभिषेक का वार्षिकोत्सव दिन मनाया जाने लगा इस अंतर्गत 26 जनवरी 2014 के दिन संगोळी रायन्नाका राज्याभिषेक का ६ वा वार्षिकोत्सव मनाया गया.

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