Sunday, February 19, 2012

Rayanna Rajyabhishek - Swaraj Rally

नंदगड रिपोर्ट

नंदगड - बेलगाम मे राष्ट्रीय समाज पक्ष द्वारा संगोळी रायन्ना राज्याभिषेक संपन्न !   
काले अंग्रेजो को हटाये बगैर संगोळी रायन्ना को मान - सन्मान नही मिलेगा!                             
- महादेव जानकर राष्ट्रीय अध्यक्ष - राष्ट्रीय समाज पक्ष

नंदगड बेलगाम (प्रतिनिधि, दि.26/01/2012 ) : राष्ट्र भर मेंप्रजासत्ताक दिनके रूप में मनायी जाने वाली 26 जनवरी, साथ ही साथ आद्य स्वातंत्र्यवीर संगोळी रायन्ना का राज्याभिषेक करते हुये नंदगड, ता. खानापुर, जि. बेलगाम (कर्नाटक) में राष्ट्रीय समाज पक्ष की ओर से मनाई गई। मान. महादेव जानकर जी राष्ट्रीय अध्यक्ष - राष्ट्रीय समाज पक्ष के करकमलों से तथा पुजारी गोविंदराव चौहान की सहायता से संगोळी रायन्ना का राज्याभिषेक हुआ। नंदगड के चौक में स्थित संगोळी रायन्ना प्रतिमा को पुष्पमाला का अर्पण किया गया। स्थानिक पुलिस कर्मी, स्कूल के बच्चों द्वारा भव्य सलामी व ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगीत हुआ। बादमे संगोळी रायन्ना की समाधिस्थल पर जाहिर सभा का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय समाज पक्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष मान. महादेव जानकर प्रमुख अतिथि तथा प्रमुख मार्गदर्शक के रुप में उपस्थित थे । संगोळी रायन्ना स्मारका प्रधिकारा होराट समिति के अध्यक्ष मान. अरविंद दलवाई, संगोळी रायन्ना समाधी समिति नंदगड के अध्यक्ष मान. शंकर सोनोली, बीजेपी के नेता वसंत दलवाई, कर्नाटक राष्ट्रीय समाज पक्ष के महासचिव मान. इ सत्यप्रकाश, कुरुबर सेने कर्नाटक के महासचिव मान, मदनकुमार गौड़ा, आरएसपी युथ फ्रन्ट के प्रमुख मान.एस मोहनकुमार, आरएसपी गुजरात के अध्यक्ष ललितभाई पटेल, तमिलनाडु राष्ट्रीय समाज पक्ष के अध्यक्ष मान. एम जी मणिशंकर, आरबीआय ओबीसी के अध्यक्ष एस अक्कीसागर, ज्येष्ट नेता मान. जे के रेज़ा, मान. अशोक अप्पुगोल, बागलकोटके युवा नेता वीरन्ना हलेगौडर, कवी लेखक जे पी बघेल, राम उजागर पाल ( मुंबई ), आरएसपी बेलगाम जिल्हा अध्यक्ष हनुमंतप्पा पुजेर, रामदुर्ग आरएसपीके अध्यक्ष के पुंडलिकप्पा, देवराज कम्बली - धारवाड, मल्लू हुनगुन्दी – बदामी तथा बहोत सारे स्थानिक लोग उपस्थित थे।

संगोळी रायन्ना के राज्याभिषेक के बाद उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कराते हुये मा. महादेव जानकरजी ने कहा, गोरे अंग्रेजो के खिलाफ संगोल्ली रायन्ना ने आझादी की लढाई की गोरे अंग्रेज चले गए लेकिन काले अन्ग्रेजोका राज आया देश स्वतंत्र होकर ६० साल बित गये संगोळी रायन्ना को मान - सन्मान नही दिया गयामै जब २००७ में पहली बार यहाँ आया था तब संगोळी रायन्ना का ये समाधी स्थल बिखरा हुवा पाया था तब मैने संगोळी रायन्ना के मान – सन्मान की लढाई लड़नेका फैसला किया महात्मा गांधी को दिया जानेवाला मान - सन्मान संगोळी रायन्ना को नहीं मिल रहा है। कॉंग्रेस के बदौलत गांधी को मान-सन्मान मिला इस बात को समझकर मैंने अपना दल – अपना पक्ष बनाया। २००८ में मैने नंदगड में राष्ट्रीय समाज पक्ष के तत्वाधानमे संगोळी रायन्ना का पहेला राज्याभिषेक कार्यक्रम किया महाराष्ट्र विधानसभामे मेरी पार्टीका पहेला एम.एल.ए. चुनके गया संगोळी रायन्ना के आशिर्वाद से ये हुवा ऐसा मेरा मानना है इस बात को लेकर मुझे कर्नाटक राज्य के लिये विशेष प्रेम और आदर है संगोळी रायन्ना इस देशका राष्ट्रीय महानायक तथा महान राष्ट्रवीर है कन्नडवीर ठहरा कर संगोळी रायन्ना के राष्ट्र व्यापी कार्यको लिमिट किया जा रहा है संगोळ्ळी गांव के रायन्ना को राष्ट्रवीर बनाने के लिये मेरी पार्टी कम करेगी कर्नाटक राज्यसे मेरी पार्टीने लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव लढाया था आनेवाली कर्नाटक विधानसभा - लोकसभा लढने का फैसला भी हमने किया है आप सब वोट का महत्व समझे और साथ दे, तो इस देशकी सत्ता हम अपनी हाथ में ले सकते है संगोळी रायन्ना के सन्मान को प्राप्त करते हुये अपने समाज का विकास भी हम अपने बलबुते कर सकते है महात्मा गांधी को दिया जानेवाला मान - सन्मान तथा दर्जा मेरी पार्टी मिलाकर रहेगी ऐसा इरादा मान.जानकरजी ने व्यक्त किया विशेष अतिथी तथा संगोळी रायन्ना स्मारका प्रधिकारा होराट समिति के अध्यक्ष मान. अरविंद दलवाई जीने कहा, जबतक सभी संगोळी रायन्ना स्मारकों का विकास नही होगा तथा संगोळी रायन्ना समाधी स्थल नंद्गड को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया नही जायेगा, तब तक हमारा आंदोलन चलते रहेगा संगोळी रायन्ना समाधी समिति नंदगड के अध्यक्ष मान. शंकर सोनोली जी ने रासपा आयोजित स्वराजरेली का तथा रायान्ना भक्तोंका स्वागत किया मान. महादेव जानकर जी के चार साल चले रायान्ना राज्याभिषेक आन्दोलन के परिणामवश सरकार को झुकना पड़ा तथा समाधी स्थल का विकास कार्य हाथ में लेना पड़ा रायान्ना भक्तोंके आन्दोलन के परिणामवश ये सब हो पाया शीघ्र हि संगोली रायान्ना भवन बन जायेगा उस भवन में हर साल २५ जनवरी राष्ट्रीय समाज पक्ष के लिए हमेशा के लिए बुक रहेगा इस तरह का निर्णय नंद्गड वासियों ने लिया है। कर्नाटक राष्ट्रीय समाज पक्ष के महासचिव मान. इ सत्यप्रकाश द्वारा सब का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।

आज से 181 साल पहले 26 जनवरी 1831 के दिन ब्रिटिश साम्राज्यवादियों  द्वारा महाराणी चेन्नमा के कित्तुर राज को खालसा कर के कैद करने का मूंहतोड जवाब देने वाले संगोळी गांव के शूरवीर सेनानी रायन्ना को विद्रोही करार देकर नंदगढ में एक वृक्ष पर लटका कर फांसी दी गयी थी झांशी की महाराणी लक्ष्मीबाई ( 1857) के पहले  कित्तूर की महाराणी चन्नाम्मा ने (1824) में अन्ग्रेजोके खिलाफ आझादी की लढाई लढी थी 15 अगस्त, 1798 में जन्मे संगोळी गाव के रायन्ना अंग्रेजो के शासन के प्रति तीव्र घृणा करते थे शूरवीर सेनानी रायन्ना ने महाराणी चन्नाम्मा का साथ दिया महाराणी चेन्नमा रायान्ना को अपना पुत्र मानती थी अपने राज्य - राष्ट्र आझादी के लिये संगोल्ली रायान्ना ने अपने चुनिंदे साथियों के साथ अन्ग्रेजोके खिलाफ संघर्ष चलाया इन चुनंदे साथीओ मे मुस्लिम, जैन, मराठा, बेडर, लिंगायत, सुनार, जंगम आदि अलग - अलग जाती और धर्म के लोग थे रायन्ना का जन्म एक मेहेनतकश धनगर / कुरबर (गडरिया - मेषपाल) परिवार में हुआ था अंग्रेज शासन के खिलाफ संघर्ष का ब्युगल बजने वाले रायन्ना अपने समय के माने हुए योद्धा थे छत्रपती शिवाजी के बाद रायन्ना को छापामार लढाई में कारगर माना जाता है लंबे अरसे की लुकाछिप्पी के बाद वे अंग्रेज सेना द्वारा पकडे गये जनसामान्य आक्रोश से भर उठा मगर साम्राज्यवादी शासकने उनको विद्रोही ठहरा कर दि. 26 जनवरी 1831के रोज फांसी दे दी संगोल्ली रायन्ना का जन्मदिन 15 अगस्त भारत के लिए स्वातंत्र्यदिन तथा संगोल्ली रायन्ना का स्मृतिदिन प्रजासत्ताकदिन साबित हुवा, इसे विलक्षण योगायोग हि कह सकते है रायन्ना के साथी बाळा नायक, बसलिंगाप्पा करबसप्पा, भिमा जिद्दीमनी, केंचप्पा आप्पोजी नायक, बापु भंडारी इनको भी फांसी दी गयी थी संगोळी रायन्ना के सच्चे वारिसदार मान. महादेव जानकर ने अपने निजी जीवन को समाज के लिए समर्पित करके राष्ट्रीय समाज पक्ष की स्थापना की राष्ट्रीय समाजके बहुमूल्य मत को राष्ट्रीय समाज पक्ष का आधार बनाने के लिये वे महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, प. बंगाल, तमिलनाडु, झारखंड, बिहार, छत्तीसगड, असम, गुजरात, गोवा और राजस्थान जैसे राज्यों की समदु:खी जाति / धर्मीयों से बना राष्ट्रीय समाज को जोडने का कार्य उन्होने शुरु किया राष्ट्रीय शहीद संगोळी रायन्ना का इतिहास ढुंढ कर सन 2008 के दिसंबर में राष्ट्रीय तथा सामाजिक ऋण अदायगी के रूप में राष्ट्रीय समाज पक्ष के तत्वावधान में राष्ट्रीय समाज प्रतिनीधियों द्वारा उनका राज्याभिषेक का कार्यक्रम प्रप्रथम आयोजन किया गया उस साल महात्मा बसवेश्वर कि पुण्यभुमी कुडलसंगम से राष्ट्रीय समाज पक्ष द्वारा समाज संगम राजयात्रा का आयोजन किया गया था। महाराष्ट्र और कर्नाटक में बहने वाली नदियों से कुंभ मे पानी लेकर लोग आये और उस पानी के द्वारा संगोळी रायन्ना का पहेला राज्याभिषेक नंदगड में किया गया था तबसे नंदगड मे 26 जनवरी के दिन संगोळी रायन्नाका राज्याभिषेक वर्धापन दिन मनाया जाने लगा इस साल बेंगलूर से बेलगाम तक राष्ट्रीय समाज पक्ष द्वारा स्वराज रेली का आयोजन किया गया। नंदगड़ होकर स्वराज रेली बेलगाम गयी हर साल की तरह इस बार भी नंदगड़ से रायान्ना ज्योति लेने के लिए संगोली - बैल्होंगल के निवासी यहाँ आये थे युवा नेता वीरन्ना हलेगौडर ने बदामी- बागलकोट से ज्योति लायी थी

-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------

बेलगाम रिपोर्ट

संगोळी रायन्ना की पुण्यतिथि बेलगाम के गांधी भवन में संपन्न
महात्मा गांधी को दिया जानेवाला मान - सन्मान संगोळी रायन्ना को मिलना चाहिये !
-    महादेव जानकर, राष्ट्रीय अध्यक्ष - राष्ट्रीय समाज पक्ष

संगोळी रायन्ना का देशाभिमान तथा त्याग सदा स्मरणीय रहेगा!
-    सुरेश अंगडी, सांसद बेलगाम लोकसभा  

बेलगाम (प्रतिनिधि, दि.26/01/2012 ) : देश स्वतंत्र होकर 60 साल बित गये इस देश के आज़ादी के लिए लढने वाले महात्मा गांधी को दिया जानेवाला मान - सन्मान तथा दर्जा आद्य स्वातंत्र्य सेनानी संगोळी रायन्ना को अबतक क्यों नहीं दिया गया ? महात्मा गांधी को दिया जानेवाला मान - सन्मान संगोळी रायन्ना को मिलाना चाहिए इस तरह की मांग मान. महादेव जानकर ने की। संगोळी रायन्ना की पुण्यतिथि यहाँ पर स्थित गांधी भवन में मनाई गयी। राष्ट्रीय समाज पक्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष मान. महादेव जानकर के हाथों दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रमका उद्घाटन हुवा। तब उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुये मा. महादेव जानकरजी बोल रहे थे संगोळी रायन्ना स्मारका प्रधिकारा होराट समिति, कुरुबर सेने तथा राष्ट्रीय समाज पक्ष के संयुक्त तत्वाधान में  संगोळी रायन्ना की पुण्यतिथि मनाई गयी। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नाटक कुरुबर संघ के भूतपूर्व अध्यक्ष मान. लक्ष्मणराव चिन्गले ने की. बेलगाम के सांसद मा. सुरेश अंगडी की विशेष उपस्थिति थी । परमपुज्य श्री सोमेश्वर स्वामिजी, आदिगुरु श्री सोमेश्वर गुरुपिठ मकानपुर. विजापुर (आदि कुरुबशैवसिद्ध मठ) के सानिध्यमे ये कार्यक्रम हुवा संगोळी रायन्ना स्मारका प्रधिकारा होराट समिति के अध्यक्ष मान. अरविंद दलवाई, मा. ए बी पाटील, अशोक पुजारी, वसंत दलवाई, राजेंद्र सन्नकी, गजानन कोळी, कर्नाटक राष्ट्रीय समाज पक्ष के महासचिव मान. इ सत्यप्रकाश, कुरुबर सेने कर्नाटक के महासचिव मान, मदनकुमार गौड़ा, आरएसपी युथ फ्रन्ट के प्रमुख मान.एस मोहनकुमार, आरएसपी गुजरात के अध्यक्ष ललितभाई पटेल, कर्नाटक राष्ट्रीय समाज पक्ष की महिला फ्रन्ट की प्रमुख सौ. विजयमाला तिप्पनावर, राष्ट्रीय समाज पक्ष के युवा नेता सनी ए, तमिलनाडु राष्ट्रीय समाज पक्ष के अध्यक्ष मान. एम जी मणिशंकर, आरबीआय ओबीसी के अध्यक्ष एस अक्कीसागर, ज्येष्ट नेता मान. जे के रेज़ा, मान. अशोक अप्पुगोल, आरएसपी बेलगाम जिल्हा अध्यक्ष हनुमंतप्पा पुजेर, बागलकोटके युवा नेता वीरन्ना हलेगौडर - बदामी, बागलकोट आरएसपी के अध्यक्ष मल्लू हुनगुन्दी, कवी लेखक जे पी बघेल, राम उजागर पाल ( मुंबई ), रामदुर्ग आरएसपीके अध्यक्ष के पुंडलिकप्पा, रविराज काम्बली, देवराज कम्बली, हनुमंत पुरद - धारवाड, अखिल भारतीय धनगर समाज के रविन्द्र खोरकर – पुणे, महाराजा यशवंतराव होळकर ब्रिगेड के अमोल पांढरे – कोल्हापुर तथा बहोत सारे स्थानिक लोग उपस्थित थे। बेलगाम, धारवाड, बागलकोट के दूर दराज से लोग बड़े पैमाने में आये थे। स्थानीक लोगोंमे बहोत सारे नगरसेवक, जी. प. तथा पंचायत सदस्य, गणमान्य नेता तथा प्रतिष्टित समाज सेवी उपस्थित थे।

उपस्थित विराट जनसमुदाय को संबोधित करते हुये मा. महादेव जानकरजी ने आगे कहा, गोरे अंग्रेजो के खिलाफ संगोल्ली रायन्ना ने आझादी की लढाई की गोरे अंग्रेज चले गए लेकिन काले अन्ग्रेजोका राज आया जिस बाप का बेटा लायक होता है, उसके बाप की इज्जत है और जिस बाप का बेटा नालायक होता है, उसके बाप की बेइज्जत है।  उसी तरह जिस समाज का दल होता है, उस समाज का बल होता है। हम संगोळी रायन्ना के वारिसदार नालायक होने के तथा हमारा दल नहीं होने के कारण, महात्मा गांधी को दिया जानेवाला मान - सन्मान संगोळी रायन्ना को नहीं मिल रहा है। कॉंग्रेस के बदौलत गांधी को मान-सन्मान मिला इस बात को समझकर मैंने अपना दल–अपना पक्ष बनाया। 2008 में मैने नंदगड में राष्ट्रीय समाज पक्ष के तत्वाधानमे संगोळी रायन्ना का पहेला राज्याभिषेक कार्यक्रम किया ओर महाराष्ट्र विधानसभामे मेरी पार्टीका पहेला एम.एल.ए. चुनके गया. संगोळी रायन्ना के आशिर्वाद से ये हुवा ऐसा मेरा मानना है इस बात को लेकर मुझे कर्नाटक राज्य के लिये विशेष प्रेम और आदर है संगोळी रायन्ना इस देशका राष्ट्रीय महानायक तथा महान राष्ट्रवीर है संगोळ्ळी गांव के रायन्ना को राष्ट्रवीर बनाने के लिये मेरी पार्टी कम करेगी कर्नाटक राज्यसे मेरी पार्टीने लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव लढाया था आनेवाली कर्नाटक विधानसभा - लोकसभा लढने का फैसला भी हमने किया है आप सब वोट का महत्व समझे और साथ दे, तो इस देशकी सत्ता हम अपनी हाथ में ले सकते है संगोळी रायन्ना के सन्मान को प्राप्त करते हुये अपने समाज का विकास भी हम अपने बलबुते कर सकते है महात्मा गांधी को दिया जानेवाला मान- सन्मान तथा दर्जा मेरी पार्टी मिलाकर रहेगी ऐसा आश्वासन मान. जानकरजी ने दिया सनमानीय अतिथी सांसद सुरेश अंगडी’ने कहा की, संगोळी रायन्ना का देशाभिमान तथा त्याग सदा स्मरणीय रहेगा कित्तूर चन्नाम्मा और संगोळी रायन्ना का नाता माँ – बेटे जैसा था कुरुबर समाज को लक्ष्मी पुत्र माना जाता था, शायद इस लिए कोही भी शुभ काम कुरुबर समाज के हाथों किया जाता है इस समाजके राजनैतिक भागीदारी के लिए मै प्रयत्न करूँगा कार्यक्रमके संयोजक तथा संगोळी रायन्ना स्मारका प्रधिकारा होराट समिति के अध्यक्ष मान. अरविंद दलवाई जीने कहा, जबतक सभी संगोळी रायन्ना स्मारकों का विकास नही होगा तथा संगोळी रायन्ना समाधी स्थल नंद्गड को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया नही जायेगा तब तक हमारा आंदोलन चलते रहेगा कार्यक्रमके अध्यक्ष मान. लक्ष्मणराव चिन्गले ने सभी उपस्थितोंका स्वागत किया और कहा, जब तक राजनैतिक पार्टियां कुरुबर समाज को सन्माननीय भागीदारी नही देगी, तब तक ना समाज का विकास होगा ना संगोळी रायन्ना स्मारकों का विकास होगा इस लिए स्वाभिमान के आधार पर समाजको जागृत होना पड़ेगा उन्होंने महादेव जानकर के कार्य की विशेष सराहना की
सन 2008 के दिसंबर में राष्ट्रीय तथा सामाजिक ऋण अदायगी के रूप में राष्ट्रीय समाज पक्ष के तत्वावधान में राष्ट्रीय समाज प्रतिनीधियों द्वारा उनका राज्याभिषेक का कार्यक्रम प्रथम आयोजन किया गया उस साल महात्मा बसवेश्वर कि पुण्यभुमी कुडलसंगम से राष्ट्रीय समाज पक्ष द्वारा समाज संगम राजयात्रा का आयोजन किया गया था महाराष्ट्र और कर्नाटक में बहने वाली नदियों से कुंभ मे पानी लेकर लोग आये और उस पानी के द्वारा संगोळी रायन्ना का पहेला राज्याभिषेक नंदगड में किया गया था तबसे नंदगड मे 26 जनवरी के दिन संगोळी रायन्नाका राज्याभिषेक वर्धापन दिन मनाया जाने लगा

--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
बेंगलूर रिपोर्ट

बेंगलूर से बेलगाम तक स्वराज रैली...
बेंगलूर, तुमकुर, बल्लारी, धारवाड, येरगट्टी आदि जगह सभाओंका आयोजन – स्वागत कार्यक्रम...

बेंगलूर (प्रतिनिधि, दि.20/01/2012 ) इस साल बेंगलूर से बेलगाम तक स्वराज रेली द्वारा स्वराज रेली का आयोजन किया गया नंदगड़ होकर स्वराज रेली बेलगाम आयी थी बेंगलुरू रेल्वे स्टेशन के पास स्थित संगोळी रायन्ना के पूतले को मालार्पण करके स्वराज रेली निकली. मुख्य अतिथी भुत पूर्व मंत्री एच एम रेवन्ना, राष्ट्रीय समाज पक्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष मान. महादेव जानकर तथा कर्नाटक आरएसपी के अध्यक्ष गणेशराम देवासी, महासचिव इ सत्यप्रकाश, उपाध्यक्ष समी उल्लाह खान, बेंगलूर आरएसपी के नेता आर सी हनुमंतराय, इ आर स्वामी, श्रीमती पुष्पावती, बेलगाम  आरएसपी के अध्यक्ष एच एम पुजेर, कुरुबर सेने कर्नाटक के महासचिव मदनकुमार गौड़ा, आरएसपी युथ फ्रन्ट के प्रमुख एस मोहनकुमार, आरएसपी के युवा नेता सनी ए, अश्विन गौड़ा तथा बहोत सारे युवा कार्यकर्ता उपस्थित थे। भुत पूर्व मंत्री एच एम रेवन्ना तथा राष्ट्रीय समाज पक्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष मान. महादेव जानकर के के हाथों उद्घाटित स्वराज रेली 20 जनवरी को बेंगलूर से निकली तुमकुर, बल्लारी, धारवाड, कित्तूर, संगोल्ली, रामदुर्गा, येरगट्टी, नंदगड करते हुए 26 जनवरी 2012 को बेलगाम के गांधी भवन में पहुची थी रास्तेमे रेली का स्वागत किया गयाबेंगलूर, तुमकुर, बल्लारी, धारवाड, येरगट्टी आदि जगह में सभाओंका का आयोजन किया गया गणेशराम देवासी, इ सत्यप्रकाश, सनी ए, एच एम पुजेर स्वराज रेली में प्रारंभ से लेकर रैली समापन तक थे। 

No comments:

Post a Comment